गूगल पर भूल कर भी न करें ये सर्च

आज के समय में हर समस्या का हल गूगल है. कुछ सर्च करना है तो गूगल है न. चाहें अपने कॉलेज का असाइनमेंट हो या फिर अपने ऑफिस का प्रेजेंटेशन गूगल महाशह हर मुश्किल का हल निकाल लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक गूगल सर्च किसी को मुसीबत में डालने के लिए काफी है.

हिस्ट्री डिलीट करने के बाद भी सेव रहता है डेटा…

हिस्ट्री डिलीट करने के बाद भी myactivity.google.com में सर्च किया हुआ सारा मैटर सेव रहता है. अगर वहां से भी डिलीट कर दिया तो भी कुकीज के कारण आसानी से हिस्ट्री देखी जा सकती है..

चाहें हिस्ट्री डिलीट की हो या नहीं, लेकिन गूगल के पास आपका डेटा सेव रहता है और कुछ आसान सी ट्रिक्स से कोई भी डेटा चुरा सकता है. ऐसे में कुछ खास चीजें गूगल पर शेयर करने से बचना चाहिए.

बैंक वैबसाइट 
हम अक्सर ऑनलाइन बैंकिंग करते है। लेकिन आपको कभी भी बैंकिंग के लिए गूगल सर्च नहीं करना चाहिए। इन दिनों बैंकिंग फ्रॉड के लिए साइबर क्रिमिनल बैंक के नकली वेबासाइट बना लेते हैं। ये दिखने में हूबहू असली बैंक जैसे लगते हैं। इन साइटों की मदद से क्रिमिनल आपकी बैंकिंग डिटेल चुरा सकते हैं। आपका बैंक खाता भी खाली हो सकता है।

मोबाइल ऐप्स और सॉफ्टवेयर
वैसे तो मोबाइल ऐप्स और सॉफ्टवेयर आपकी जिंदगी को आसान ही बनाते हैं। लेकिन कई बार साइबर अपराधी मिलते जुलते ऐप्स और सॉफ्टवेयर गूगल सर्च में डाल देते हैं। जैसे ही आप इन्हें डाउनलोड करते हैं, आपके फोन और कंप्यूटर से अहम जानकारी चुरा लिए जाते हैं। आपके फोन और कंप्यूटर में वायरस का भी खतरा बढ़ जाता है।

1. किसी हथियार या बम बनाने की तरकीब..

भले ही आपने ये मजाक में किया हो, लेकिन गूगल ऐसी किसी भी सर्च पर अलर्ट हो जाता है. ऐसे में अगर कोई संदेहास्पद सर्च की जाती है तो गूगल ऑटोमैटिकली शिकायत भी कर सकता है. अगर कहीं मस्ती में ‘किसी डेड बॉडी को छुपाने के तरीके’ जैसी कोई सर्च टाइप कर दी तो मुसीबत हो सकती है. ऐसे में आपके IP ऐड्रेस से टाइप किया हुआ कोई भी सर्च भले ही पांच साल पहले ही क्यों न किया गया हो वो ट्रैक किया जाएगा. अगर दो लोग एक आईपी ऐड्रेस यानी एक ही कंप्‍यूटर का इस्तेमाल करते हैं तो भी ये सारी सर्च हिस्ट्री देखी जाएगी. यह इसलिए भी खतरनाक है कि यदि एक व्‍यक्ति ने संदिग्‍ध सर्च किया तो उसका खामियाजा उसके साथी को भुगतना पड़ सकता है.

गूगल पर सर्च करने से पहले ये जानना बेहद जरुरी है कि कौन सी चीजें सर्च कपरने से हमें बचना चाहिए
अगर आप गूगल पर चीजें सर्च करते हैं तो आपके लिए ये खबर बेहद खास है। गूगल पर कुछ चीजें ऐसी है, जिन्हें सर्च कर आप आफत में पर पड़ सकते हैं। ऐसे में गूगल पर सर्च करने से पहले ये जानना बेहद जरुरी है कि कौन सी चीजें सर्च कपरने से हमें बचना चाहिए।गूगल पर भूलकर भी कभी कुछ संदिग्ध या संदेहजनक चीजें सर्च न करें। क्योंकि साइबर पुलिस की नजर अक्सर ऐसे लोगों पर होती है जो कि कुछ संदिग्ध सर्च कर रहे हैं। आपने ऐसे ही कोई संदिग्ध साइट सर्च की तो ऐसा करने पर आपको कानूनी चक्कर में फंस सकते हैं।गूगल सर्च में यह सुविधा होती है कि वह आपके सर्च के अनुसार आपकी पहचान पता करती है। क्योंकि गूगल के पास आपकी सर्च हिस्ट्री का पूरा डाटाबेस होता है। ऐसे में कई बार जानकारी लीक होने का खतरा रहता है। इसके अलावा आपकी पहचान के सर्च के आधार पर ही आपको विज्ञापन भी भेजे जाते हैं। जिसके चलते आप परेशान हो सकते हैं।जब आप गूगल पर बीमारी और मेडिसिन से जुड़ी कोई भी चीज सर्च करते हैं तो यह डाटा थर्ड पार्टी को ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस आधार पर आपको उस बीमारी व उसके ट्रीटमेंट से संबंधित विज्ञापन दिखाए जाते हैं। इसके बाद यह मेडिकल जानकारी क्रिमिनल वेबसाइट्स को भी शेयर की जाती है। ये मेडिकेड फ्रॉड तथा अन्य कई स्कैम में उपयोग होती है।गूगल पर असुरक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी यदि आप सर्च करते हैं तो आपके पास उससे संबंधित विज्ञापन आने शुरू हो जाते हैं। जिससे आप यह जान सकते हैं कि कोई आपको इंटरनेट पर फॉलो कर रहा है। यदि आप चाहते हैं कि असुरक्षा से जुड़े विज्ञापन आपको परेशान न करें तो इसके लिए आप गूगल पर इसे सर्च करने से बचें।अपनी पर्सनल ईमेल लॉगइन को गूगल पर सर्च करने से परहेज करें, ऐसा करने पर आपका अकाउंट हैक और पासवर्ड लीक होने की समस्या होती है। जिसके बाद आपकी ईमेल आईडी के माध्यम से आप किसी स्कैम में भी फंस सकते हैं।

कस्टमर केयर नंबर

हम कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रहे होते हैं और उसमें किसी भी तरह की परेशानी आने पर हम सीधा कस्टमर केयर को कॉल करने की सोचते हैं। हमें कई बार किसी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पता नहीं होता है, ऐसे में हम Google की मदद लेते हैं, लेकिन आपको पता है कि Google पर किसी भी कस्टमर केयर का नंबर सर्च करना नुकसान दायक साबित हो सकता है। 

आपको बता दें कि साइबर क्राइम को बढ़ावा देने वाले हैकर्स किसी भी कंपनी का फेक या फर्जी हेल्पलाइन नंबर Google Search में फ्लोट करते हैं। ऐसे में जब आप उस नंबर पर कॉल करेंगे तो आपका नंबर हैकर्स के पास पहुंच जाता है, जिसके बाद हैकर्स आपको आपके नंबर पर कॉल करके साइबर क्राइम को अंजाम दे सकते हैं, जिसमें SIM Swap जैसी घटनाएं शामिल हैं। 

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