गोरिल्ला ग्लास क्या है और जानिये इसकी खासियत

अगर आप ज्यादा बजट का एंड्राइड फ़ोन यूज कर रहे है तो आपने शायद गोरिल्ला ग्लास का नाम जरुर सूना होगा. हो सकता है आपके फ़ोन में भी गोरिल्ला ग्लास हो. यह तो सब जानते है की गोरिल्ला ग्लास का फ़ोन पर होना उसकी सिक्योरिटी के लिए बहुत जरुरी है लेकिन यह कम ही जानते है की आखिर गोरिल्ला ग्लास क्या है, किसका बना होता है और इसकी खासियत क्या है?

गोरिल्ला ग्लास को ना सिर्फ मोबाइल पर बल्कि टीवी, कंप्यूटर स्क्रीन, स्मार्टवाच आदि पर भी यूज किया जाता है. इसे सबसे शक्तिशाली ग्लास कहा जाता है. आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की गोरिल्ला ग्लास क्या है, इसका इतिहास क्या है और इसकी खासियत क्या है?

गोरिल्ला ग्लास क्या है?

गोरिल्ला ग्लास साधारण ग्लास के मुकाबले बहुत शक्तिशाली और स्क्रेच रेजिस्टेंट होता है अर्थात इस पर स्क्रेच पड़ने के चांसेज ना के बराबर होते है. गोरिल्ला ग्लास हल्का, मजबूत और टिकाऊ होता है. यह कांच आसानी से नहीं टूटता है. यह आपके मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर स्क्रीन आदि की धुल, चाबी, सिक्को आदि से पूरी सुरक्षा करता है.

अब तक गोरिल्ला ग्लास के 5 वर्जन आ चुके है जिसमे से गोरिल्ला ग्लास 5 सबसे आधुनिक वर्जन है जिसे जुलाई 2016 में लांच किया गया था. आजकल हर लेटेस्ट फ़ोन में इसका प्रयोग किया जाता है. जब से गोरिल्ला ग्लास आया है स्क्रीन पर स्क्रेच पड़ने की संभावना बहुत कम हो गई है और सुरक्षा बढ़ गई है.

गोरिल्ला ग्लास Alkali-Aluminosilicate के पतले शीट से बना होता है. अपनी खूबियों और फीचर के कारण यह थोड़े महंगे होते है. लेकिन आपके फ़ोन की सुरक्षा के लिए इस तरह के ग्लास का होना बहुत जरुरी है. आईये जानते है गोरिल्ला ग्लास के इतिहास और फायदों के बारे में.

गोरिल्ला ग्लास का इतिहास

आपको जानकार हैरानी होगी की इसका आविष्कार एक गलती की वजह से हुआ है. सन 1952 में जब कोर्निंग के लैब में एक वैज्ञानिक ने फोटो सेंसेटिव ग्लास को फर्नेस (भट्टी) में टेस्ट के लिए रखा था और एक समय धीरे-धीरे उसका टेम्परेचर 900 डीग्री तक पहुँच गया था.

इस वजह से सब लोग यह सोच रहे थे की यह सैंपल बर्बाद हो गया है और अब किसी काम का नहीं है. लेकिन जब उस फर्नेस को खोला गया तो पाया की उसमे तरल ग्लास की जगह एक ग्लास की शीट निकली. जब वो शीट अचानक से जमीन पर गिरी तो टूटने की बजाय बाउंस हो गई और उस समय इसे कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास नाम दिया गया.

गोरिल्ला ग्लास के सबसे पहले वर्जन गोरिल्ला ग्लास 1 को फरवरी 2008 में लांच किया गया और उसके बाद से कम्पनी ने गोरिल्ला ग्लास के हर वर्जन में उसे और ज्यादा मजबूत बनाने का काम किया. इसका सबसे लेटेस्ट वर्जन गोरिल्ला ग्लास 5 जिसे जुलाई 2016 में लांच किया गया इसका सबसे पहले इस्तेमाल सैमसंग के गैलेक्सी नोट 7 में किया गया था.

इस ग्लास का प्रयोग ना मोबाइल में किया जाता है बल्कि इसके अलावा टीवी, कंप्यूटर स्क्रीन, नोटबुक आदि पर भी इसका प्रयोग किया जाता है. आज के समय में गोरिल्ला ग्लास को अमेरिका, ताइवान और कोरिया जैसे देशों में बनाया जाता है. गोरिल्ला ग्लास बनाने वाली कम्पनी कोर्निंग इसके हर वर्जन में इसे और मजबूत बनाने का काम कर रही है.

गोरिल्ला ग्लास की खासियत क्या है?

  • यह ग्लास सामान्य ग्लास के मुकाबले बहुत मजबूत और शक्तिशाली होता है. यह ग्लास आसानी से नहीं टूटता.
  • यह स्क्रेच रेसिस्टेंट होता है अर्थात इस पर स्क्रेच ना के बराबर लगते है.
  • गोरिल्ला ग्लास दिखने में बहुत ज्यादा अच्छा और सुंदर होता है जिससे इसकी बनावट भी लोगों को इम्प्रेस करती है.
  • यह दुसरे ग्लास के मुकाबले पतला होता है.
  • गोरिल्ला ग्लास की सबसे ख़ास बात यह है की यह फ़ोन के गर्म होने पर उसकी हीट को संभालने की ताकत रखता है.

क्या इस पर स्क्रेच लगने की संभावना कब रहती है?

हर एक चीज की हार्डनेस को मापने का एक स्केल होता है. जो पदार्थ जितना मजबूत होता है उसे उस हिसाब से नंबर दिए जाते है जैसे डायमंड का हार्डनेस स्केल 10 है और तालक (खडिया) का हार्डनेस स्केल 1 है. 10 का मतलब सबसे हार्ड और 1 का मतलब सबसे सॉफ्ट होता है.

गोरिल्ला ग्लास का हार्डनेस स्केल 6.5 होता है. ऐसे में इस हार्डनेस स्केल से नीचे की किसी चीज से इस पर स्क्रेच किया जाता है और गोरिल्ला ग्लास पर कोई स्क्रेच नहीं लगता और 6.5 हार्डनेस स्केल से ज्यादा नंबर वाली चीजों से इस पर स्क्रेच लग सकता है. सिक्के, चाबी, हाथ आदि की हार्डनेस स्केल 6.5 से कम होती है इसलिए इससे इस पर स्क्रेच नहीं लगता.

क्या फ़ोन पर गोरिल्ला ग्लास होने के बावजूद भी उस पर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाना चाहिए?

हाँ मानते है की गोरिल्ला ग्लास दुसरे ग्लास के मुकाबले बहुत मजबूत और शक्तिशाली होता है. इस पर बड़ी आसानीस से स्क्रेच नहीं लगता है. धीरे से गिरने पर भी इसके टूटने की संभावना बहुत कम रहती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं की आप घर पर हथोड़ा लेकर इसका टेस्ट करने लग जाए.

भले ही यह कितना भी मजबूत है लेकिन कई बार बहुत उपर से गिरने से या ज्यादा दबाव से यह टूट सकता है. ऐसे में इस पर प्रोटेक्शन की एक लेयर लगाने के लिए आप मार्किट से इस पर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगा ले ताकि यह ज्यादा मजबूत हो जाए. 15-20 हजार के फ़ोन की सुरक्षा के लिए आप 100-150 का स्क्रीन प्रोटेक्टर तो लगा ही सकते है.

Conclusion

आज की इस पोस्ट में आप अच्छे से समझ गए होंगे की गोरिल्ला ग्लास क्या है, इसके कितने वर्जन आ चुके है, इसकी खासियत क्या है, इसका इतिहास क्या है आदि. उम्मीद करता हूँ की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करने और कमेंट बॉक्स में अपने नंबर दे ताकि हम आगे भी आपके साथ ऐसी बेहतरीन पोस्ट शेयर कर सके.

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